मस्त राजस्थानी जोक्स

1-मारवाड़ी मंदिर में – भगवान अगर आप मुझे 1000 रुपये देंगे
500 रूपये आपके श्री चरणों में अर्पित कर दूंगा!!
थोड़ी दूर पे उसे 500 का नोट मिला
मारवाड़ी- प्रभु इतना भी भरोसा नही था ”
“जो पहले ही काट लिया”

2-एक बार एक गणित के अध्यापक से उसकी पत्नी ने गणित मे प्यार के दो शब्द कहने को कहा,
पति ने पूरी कविता लिख दी..
म्हारी गुणनखण्ड सी नार, कालजो मत बाल
थन समझाऊँ बार हजार, कालजो मत बाल
1. दशमलव सी आँख्या थारी, न्यून कोण सा कान,
त्रिभुज जेडो नाक, नाक री नथनी ने त्रिज्या जाण,
कालजो मत बाल
2. वक्र रेखा सी पलका थारी, सरल भिन्न सा दाँत,
समषट्भुज सा मुंडा पे, थारे मांख्या की बारात,
कालजो मत बाल
3.रेखाखण्ड सरीखी टांगा थारी, बेलन जेडा हाथ,
मंझला कोष्ठक सा होंठा पर टप-टप पड रही लार,
कालजो मत बाल
4.आयत जेडी पूरी काया थारी, जाणे ना हानि लाभ,
तू ल.स.प., मू म.स.प., चुप कर घन घनाभ,
कालजो मत बाल
5.थारा म्हारा गुणा स्युं. यो फुटया म्हारा भाग |
आरोही -अवरोही हो गयो, मुंडे आ गिया झाग ।
कालजो मत बाल
म्हारी गुणनखण्ड सी नार कालजो मत बाल
थन समझाऊँ बार हजार कालजो मत बाल!!

3-एक राजस्थानी एक डॉक्टर से बोला:
डॉक्टर साहब आप घर चलने की कितनी फीस लेते हो ?
डॉक्टर: तीन सौ रुपये
राजस्थानी: ठीक है  चलो डॉक्टर साहब.
डॉक्टर ने अपनी गाड़ी निकाली
और राजस्थानी के साथ उसके घर आ गया !
डॉक्टर बोला: मरीज कहाँ है?
राजस्थानी: मरीज कोई नहीं है साहब
टैक्सी वाला पांचसौ रुपये मांग रहा था
और आप तीनसाै में ले आये !

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